नई दिल्ली : सिविल सर्विस डे के मौके पर देशभर में सिविल सेवकों के योगदान को याद किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे देश के सुशासन और विकास की रीढ़ हैं और देश निर्माण में उनकी भूमिका बेहद अहम है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने द्रौपदी मुर्मू ने सिविल सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि वे सुशासन को मजबूत करने और संस्थानों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतियों के निर्माण से लेकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन तक, सिविल सेवकों का काम लाखों लोगों के जीवन पर असर डालता है।
उन्होंने आगे कहा ‘जैसे-जैसे भारत नई आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है, आपकी ईमानदारी और सहानुभूति अंतरालों को पाटने, समावेशिता को बढ़ावा देने और राज्य तथा उसके नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आप सार्वजनिक सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जारी रखें और एक अधिक न्यायसंगत और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में सार्थक योगदान दें।’
‘जमीनी स्तर से लेकर नीति निर्माण तक योगदान’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सिविल सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि वे देश निर्माण की मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से लेकर नीति निर्माण तक सिविल सेवक भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा ‘यह सुशासन और राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करने के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कामना की कि सिविल सेवक उत्कृष्ट प्रदर्शन, करुणा और नवाचार के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहें।’
सिविल सर्विस डे पर उपराष्ट्रपति का संबोधन आज
भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज 18वें सिविल सर्विस डे के अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सिविल सेवकों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में सरकार की समावेशी विकास और जन-केंद्रित शासन की प्रतिबद्धता पर जोर दिया जाएगा। यह आयोजन कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा विज्ञान भवन में किया जा रहा है। इस वर्ष का विषय ‘विकसित भारत: जन-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास’ रखा गया है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कार्मिक मंत्रालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह संबोधित करेंगे, जबकि कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन स्वागत भाषण देंगे। इसके बाद ‘सिविल सेवाओं की भूमिका और प्रभावशीलता’ विषय पर एक पैनल चर्चा होगी, जिसमें सरकारी, उद्योग और नीति संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं
सिविल सर्विस डे के अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों ने भी सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोक सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि नीतियों को लागू करने, शासन को मजबूत बनाने और नागरिकों की ईमानदारी से सेवा करने में उनका समर्पण राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अवसर उनकी सेवा भावना को और मजबूत करेगा।
वहीं, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर सिविल सेवकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण और ईमानदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों का योगदान देश की प्रगति को दिशा देता है और उनकी मेहनत जनकल्याण में विश्वास को मजबूत करती है।
गौरतलब है कि हर साल 21 अप्रैल को मनाया जाने वाला सिविल सर्विस डे, देश के प्रशासनिक अधिकारियों के योगदान को सम्मान देने का अवसर है। यह दिन 1947 में सरदार वल्लभभाई पटेल के उस संबोधन की याद में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने सिविल सेवकों को ‘भारत का स्टील फ्रेम’ कहा था।

