पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल में 17वीं विधानसभा भंग हो गई है। इसके बावजूद भी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल नहीं बदली है। वह आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री बन चुकी हैं, लेकिन सोशल मीडिया प्रोफाइल में अभी भी मुख्यमंत्री का टैग बरकरार रखा है।
प्रोफाइल अबतक नहीं बदला
ममता बनर्जी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक और एक्स पर अभी भी ‘माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल’ का इस्तेमाल कर रही हैं। हार के बावजूद ममता ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के इनकार किया था, जिसे वे सोशल मीडिया पर बरकरार रखे हुए हैं।
इससे पहले, गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 17वीं विधानसभा को भंग कर दिया। 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को पूरा हो चुका था। राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(बी) से प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा को भंग किया। लोकभवन, कोलकाता की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का आदेश दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
टीएमसी 15 साल सत्ता में रही
2021 में 17वीं विधानसभा का चुनाव जीतकर ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। वे 2011 से लगातार सत्ता पर काबिज रहीं। हालांकि, इस बार विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। तृणमूल कांग्रेस बंगाल में अपनी सत्ता को बरकरार रखने में नाकाम रही और ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा को मिली है बड़ी जीत
2026 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट कर रह गई। हालांकि, विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर ‘100 सीट की चोरी’ का आरोप लगाया और साथ ही, मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार कर दिया। बहरहाल, 2026 के चुनाव संपन्न होने के बाद पश्चिम बंगाल में नई विधानसभा का गठन होगा और भाजपा अपना मुख्यमंत्री चुनने की कवायद में जुटी है।