तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा है कि खाड़ी की ताकतें अब अमेरिका के ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगी और इस क्षेत्र में अमेरिका के लिए अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं होगी। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब तेहरान और वाशिंगटन अपने तीन महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं। इस युद्ध के दौरान ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका के कई ठिकानों पर हमले किए थे। ईरान के 58 साल के नये सुप्रीम लीडर खामेनेई 8 मार्च के बाद सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए हैं और उनके बयान अकसर लिखित तौर पर सामने आए हैं। इस बार भी उन्होंने लिखित बयान जारी किया है।
मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनके एक पैर में गंभीर चोट है। हालांकि वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ईरानी अधिकारियों के साथ बैठकें करते रहते हैं। वो एक गुप्त स्थान पर छिपे हुए हैं। उनका यह बयान अमेरिकी सेना की तरफ से दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नावों पर हमला करने के कुछ घंटों बाद आया है। उन्होंने अमेरिका को “महान शैतान” और इजरायल को “उसका प्रशिक्षित जानवर” बताते हुए देश के सशस्त्र बलों की सराहना की।
ईरान के सुप्रीम लीडर की खतरनाक चेतावनी
खामेनेई ने दावा किया कि इजरायल अपने “अंतिम चरण” के करीब पहुंच रहा है और उन्होंने कहा कि यह देश “अगले 25 वर्षों में अस्तित्व में नहीं रहेगा।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस क्षेत्र के देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे और अमेरिका का वैश्विक प्रभाव दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा ईरान सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे पड़ोसी देशों को साफ संदेश दे रहा है कि अगर उन्होंने अपने देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने दिया तो ईरान उन देशों को नहीं बख्शेगा। खामेनेई का कहना है कि मध्य पूर्व में अमेरिका का जो पुराना दबदबा था वह अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है और अमेरिका चाहकर भी उस पुराने दौर को वापस नहीं ला सकता।इसके लिए उन्होंने एक पहिए का इस्तेमाल किया है जिसका मतलब है कि समय का पहिया पीछे नहीं घूमेगा और एक दिन अमेरिका का दबदबा मिडिल ईस्ट से हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। एक लिखित बयान में मोजतबा ने कहा कि अमेरिका के पास अब “शरारत के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह” नहीं होगी। मोजतबा ने एक लिखित बयान में कहा “समय का पहिया पीछे नहीं घूमता और इस क्षेत्र के देश और जमीनें अब अमेरिकी ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगी।” उन्होंने कहा “अमेरिका को अब इस क्षेत्र में अपनी शरारतों और सैनिक अड्डे बनाने के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं मिलेगी।”अमेरिका को “महान शैतान” और इजरायल को “उसका पाला हुआ जानवर” बताते हुए ईरानी नेता ने देश की सेना की तारीफ की। उन्होंने लिखा “बहादुर मुजाहिदीन और जान कुर्बान करने वाली सेना ने ईश्वर पर भरोसा रखते हुए और जमीन, हवा और समुद्र में अपनी मिसाइलों और ड्रोन के जरिए ‘महान शैतान’ यानी अमेरिका और उसके पाले हुए जानवर जायोनी शासन पर (अपने हथियार) बरसाए और उन्होंने अपनी आंखों से ईश्वर के उस सच्चे वादे को पूरा होते देख जो उन्होंने अपने रास्ते पर संघर्ष करने वाले योद्धाओं से जीत के रूप में किया था।”

