कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुछ दिन पहले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट रखे जाने के बाद अब उसके निष्कर्षों की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, धन के इस्तेमाल, स्वास्थ्य व्यवस्था, आपदा राहत और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
रायगंज मेडिकल कॉलेज में 2020 से 2022 के बीच मिले 17 आईसीयू वेंटिलेटर मार्च 2022 तक चालू नहीं थे।
अम्फान-यास राहत में भी सवाल
अम्फान राहत में 9,226 लाभार्थियों को एक से अधिक बार मकान निर्माण सहायता दिए जाने से 18.07 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान का उल्लेख है। यास राहतमें हुगली और पूर्व मेदिनीपुर के 1,779 लाभार्थियों को कथित तौर पर दोबारा सहायता मिलने से 22.83 लाख रुपये के अतिरिक्त खर्च की बात कही गई है।

