नई दिल्ली :अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने Gen Z को ‘जनरेशन गटर’ कहा था। इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि अगर आपके परिवार में Gen Z या जेन अल्फा का कोई युवा है, तो क्या आप उनके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेंगी?’
कंगना ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CJP के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन पर निशाना साधा था।
कंगना की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि उनकी भाषा अशोभनीय है। उन्होंने कंगना पर ‘CJP लहर’ का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
दास ने कहा, ‘ये शब्द किसी मानसिक रूप से स्थिर व्यक्ति के नहीं लगते। उनके निर्वाचन क्षेत्र के वीडियो हैं, जहां वह लोगों से कह रही हैं कि आप लोग तो बहुत काम कराते हो। मुझे तो लगा था कि एमपी बनकर ज्यादा काम नहीं होगा, लेकिन यहां तो मुझे रोज काम करना पड़ रहा है। यह उनकी अपने काम के प्रति गंभीरता है।’
कंगना का पलटवार: ‘तुम बेरोजगार और बेकार हो’
कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए सौरव को जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ‘मैंने इस व्यक्ति को गूगल किया और वह 28 साल का है। वह खुद को छात्र बताता है, कैसे? मुझे नहीं पता।’
सांसद के रूप में अपने काम की आलोचना पर कंगना ने कहा कि नई सांसद के रूप में मैं काम के बोझ से दबी थी क्योंकि मैं एक फिल्म निर्माता, कलाकार, लेखक और उद्यमी भी हूं।
लेकिन उनके जैसा पूरी तरह बेकार और बेरोजगार व्यक्ति कभी नहीं समझेगा कि हर समय मांग में रहने का क्या मतलब होता है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘प्रिय सौरव, तुम्हारे मुद्दे व्यक्तिगत हैं। तुम छात्र नहीं, सिर्फ बेकार हो। कोई कौशल सीखना शुरू करो, यह शुरुआत के लिए अच्छी जगह है।’
क्या है ‘जनरेशन गटर’ वाला विवाद?
यह बहस कंगना के युवा प्रदर्शनकारियों को ‘जनरेशन गटर’ कहने के एक दिन बाद शुरू हुई। कंगना ने पूछा था कि ‘उन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल रहा है?’ कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपने जीवन में एक जगह इतनी बदसूरती कभी नहीं देखी।
जेन जेड विरोध प्रदर्शनों की ये रील उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात कर रहे हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बहुत ही भद्दी है।
भाजपा सांसद ने विरोध प्रदर्शन में शामिल युवतियों के व्यवहार को ‘सबसे भयावह’ बताया। उन्होंने कहा,

