New Delhi : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी का भाषण सुना ही नहीं, क्योंकि उनके पास उसे सुनने का समय नहीं है। फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी के भाषणों में कभी कोई ठोस बात नहीं होती। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार पर सवाल उठाना है, लेकिन केवल आरोप लगाने से देश के युवाओं का भला नहीं होगा। उनके मुताबिक, युवाओं के हित में ठोस सुझाव और समाधान भी सामने आने चाहिए।
फडणवीस ने कहा कि जब भी विपक्ष का कोई नेता बोलता है, तो वह आरोप जरूर लगाता है। अगर कहीं कोई कमी है तो उस पर बोलना और सुझाव देना विपक्ष का अधिकार है। लेकिन उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी ने देश के युवाओं के बारे में सकारात्मक क्या कहा। उन्होंने पूछा कि युवाओं के कल्याण के लिए उन्होंने कौन-सा समाधान दिया और ऐसा कौन-सा प्रस्ताव रखा, जिससे वास्तव में युवाओं का भला हो सके। फडणवीस ने कहा कि पूरे दिन केवल झूठ बोलने और आरोप लगाने से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आलोचना करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष किसी नीति का विरोध करता है तो उसे उसका बेहतर विकल्प भी बताना चाहिए। फडणवीस ने कहा कि देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केवल राजनीति करने के बजाय रचनात्मक सुझाव देने की जरूरत है। उनके अनुसार, विपक्ष को यह भी बताना चाहिए कि वह युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए क्या करना चाहता है।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को ध्यान में रखकर नई परीक्षा व्यवस्था तैयार की है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है। उनके अनुसार, यह नई व्यवस्था युवाओं के हितों की रक्षा करने के लिए लाई गई है और इससे परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि विधेयक पारित होने से नई परीक्षा व्यवस्था और अधिक सुरक्षित बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के हितों की रक्षा होगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। फडणवीस ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली देना है और इसी दिशा में यह कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।