पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर राज्यभर में सियासी गर्माहट तेज हो गई है। राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां भी तेज कर दी है। दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप भी अपने चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस वार्ता की। जहां उन्होंने राज्य की तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। घुसपैठ, भ्रष्टाचार, प्रशासन समेत कई मुद्दों को लेकर शाह ने ममता सरकार को आड़े हाथ लिया।
शाह ने आगे कहा कि बंगाल के लिए आज से अप्रैल तक का समय बेहद अहम है, क्योंकि इस दौरान राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 साल में टीएमसी सरकार के शासन में राज्य में भय, भ्रष्टाचार और गलत प्रशासन फैला है, जिसके कारण बंगाल में आम नागरिकों में चिंता का माहौल बन गया है। शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण बंगाल का विकास रुक गया है। प्रधानमंत्री मोदी की जनकल्याण योजनाएं यहां टोल सिंडिकेट की भेंट चढ़ गई हैं। पिछले 14 वर्षों से बंगाल की पहचान डर और भ्रष्टाचार बन गई है।
क्यों हो रही घुसपैठ की समस्या, क्या बोला शाह ने?
अमित शाह ने आगे पश्चिम बंगाल सरकार पर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार जमीन नहीं दे रही, जिसकी वजह से घुसपैठ की समस्या बनी हुई है।
अमित शाह ने सवाल किया कि त्रिपुरा, असम, राजस्थान, पंजाब, कश्मीर और गुजरात की सीमाओं पर घुसपैठ क्यों रुक गई, लेकिन पश्चिम बंगाल में क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि बंगाल में राज्य सरकार की जानकारी में घुसपैठ हो रही है और इसका मकसद जनसंख्या में बदलाव कर वोट बैंक मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को बाहर निकालने इन्हीं मुद्दों पर लड़े जाएंगे। अमित शाह ने साफ कहा कि बंगाल सीमा से हो रही घुसपैठ देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

