पटना: बिहार में सम्राट कैबिनेट ने न सिर्फ आकार ले लिया, बल्कि काम करना भी शुरू कर चुकी है। सीएम सम्राट चौधरी समेत 35 मंत्रियों ने शपथ लेकर काम-काज शुरू कर दिया। लेकिन इस बार की NDA सरकार से वो चेहरा आउट हो गया, जो पिछली सभी सरकारों में मंत्री रहा। नाम मंगल पांडे, 2025 से पहले MLC लेकिन अब सिवान के विधायक। सवाल ये कि मंगल पांडे को कैबिनेट से बाहर क्यों रखा गया?
मंगल पांडे को मंत्री क्यों नहीं बनाया गया?
इसमें एक रोचक पहलू ये भी है कि जिस वक्त बिहार में मंत्री शपथ ले रहे थे, उससे पहले ही बंगाल में बीजेपी ने बंपर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया था। इस जीत का सेहरा मंगल पांडे के सिर पर भी बंधा, क्योंकि वो काफी वक्त के बंगाल में बीजेपी के प्रभारी थे। ऐसे में तो उन्हें इनाम मिलना चाहिए था, लेकिन हो गया उल्टा। कहां स्वास्थ्य मंत्री थे, नीतीश के करीबी नेताओं में से एक थे और कहां मंत्री भी नहीं रहे। आखिर सरकार का हिस्सा माना जाने वाला नेता बिहार के मंत्रिमंडल से बाहर क्यों कर दिया गया।
मंगल पांडे ने अभी तक कुछ नहीं कहा
मंगल पांडे ने इस पूरे घटनाक्रम और खुद के बिहार सरकार के मंत्रिमंडल से बाहर रहने पर अभी तक कुछ नहीं कहा। लेकिन इसको लेकर अलग-अलग चर्चा का बाजार गर्म है। कोई कह रहा है कि मंगल पांडे का बतौर मंत्री परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा, तो कोई इसे बंगाल चुनाव में बाकियों के मुकाबले उनकी कम गतिविधियों से जोड़ दे रहा है।
मंगल पांडे को बिहार में मंत्री न बनाने पर कई सवाल
लेकिन मंगल पांडे ने अभी तक कुछ नहीं कहा
बंगाल में जीत में बतौर प्रभारी अहम भूमिका निभाई
क्या बीजेपी मंगल पांडे को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में
सिवान पहुंचे, सोशल मीडिया हैंडल से लगातार पोस्ट
लेकिन मंगल पांडे इन सारी चर्चाओं से बेफिक्र हैं। उधर पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने शपथ ली और इधर पटना लौटते ही मंगल पांडे अपने विधानसभा सिवान पहुंच गए। वहां उनका जमकर स्वागत किया गया। और तो और, मंगल पांडेय के सोशल मीडिया हैंडल X को देखिए तो उसमें लगातार पोस्ट पर पोस्ट किए जा रहे हैं। वो इशारे दे रहे हैं, बस समझना थोड़ा मुश्किल है।
15 मई को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी?
एक बात समझने लायक है। राजनीति वैसी होती नहीं, जैसी की दूर से दिखती है। यहां हर फैसले के लिए सजा ही नहीं होती, कुछ के पीछे इनाम भी होता है। मंगल पांडे के बारे में सजा का अंदाजा गलत भी साबित हो सकता है। ये जरूरी नहीं कि उन्हें मंत्री न बनाकर पार्टी ने सजा दी हो। हो सकता है कि बंगाल चुनाव में बंपर जीत के बाद उनके लिए कोई बड़ी जिम्मेदारी तय कर दी गई हो। चर्चा तो 15 मई की भी हो रही है। अंदर ही अंदर चर्चा है कि इसी दिन उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

