कर्नाटक। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को कॉन्फिडेंट ग्रुप के अध्यक्ष सीजे रॉय की मौत को आयकर विभाग के ‘उत्पीड़न’ का मामला करार दिया है।। इसी के साथ उन्होंने आईटी और आयकर विभाग की कार्यशैली को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे में अब वहां मौजूद आईटी अधिकारियों की जांच की जाएगी।
दरअसल, कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय ने एक दिन पहले शुक्रवार (30 जनवरी) को सेंट्रल बंगलूरू के रिचमंड सर्कल के समीप कंपनी के दफ्तर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना दोपहर सवा तीन बजे की बताई जा रही है। यह कदम सीजे रॉय ने तब उठाया, जब पिछले तीन दिनों से लगातार आयकर विभाग की टीम तलाशी अभियान चल रही थी।
अब इस पूरे मामले पर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय की मौत की घटना आयकर विभाग के ‘शुद्ध उत्पीड़न’ का मामला है। प्रियांक खरगे ने अपने बयान में कहा, ‘यह आयकर और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा उत्पीड़न है और यह पूरे देश में हो रहा है। कर्नाटक में यह तीसरी या चौथी ऐसी घटना है। आयकर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और जीएसटी विभागों का इस्तेमाल उन व्यक्तियों और उद्योगपतियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है, जो सरकार के साथ नहीं हैं।’
कंपनी में मौजूद आयकर अधिकारियों की होगी जांच
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों को उत्पीड़न के औजार में बदल दिया गया है, जबकि वैध तरीके से अपनी आजीविका कमाने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक आरोप नहीं है और रॉय के परिवार ने भी इसी तरह की चिंताएं जताई हैं। उन्होंने कहा कि मामला चाहे जो भी हो, हम इसकी जांच करेंगे। हम वहां मौजूद आयकर अधिकारियों की भी जांच करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों को उत्पीड़न के औजार में बदल दिया गया है, जबकि वैध तरीके से अपनी आजीविका कमाने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक आरोप नहीं है और रॉय के परिवार ने भी इसी तरह की चिंताएं जताई हैं। उन्होंने कहा कि मामला चाहे जो भी हो, हम इसकी जांच करेंगे। हम वहां मौजूद आयकर अधिकारियों की भी जांच करेंगे।
तीन दिन पहले दुबई से लौटे थे रॉय
इससे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि रॉय की कंपनी पर आयकर विभाग ने दिसंबर 2025 में छापा मारा था और उन्हें आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए परमेश्वर ने कहा कि आरोप पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 फरवरी थी और रॉय तीन दिन पहले दुबई से लौटे थे। उन्होंने आगे कहा कि रॉय ने अपने कार्यालय में बयान दर्ज कराने आए आयकर अधिकारियों के साथ सहयोग किया।
इससे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि रॉय की कंपनी पर आयकर विभाग ने दिसंबर 2025 में छापा मारा था और उन्हें आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए परमेश्वर ने कहा कि आरोप पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 फरवरी थी और रॉय तीन दिन पहले दुबई से लौटे थे। उन्होंने आगे कहा कि रॉय ने अपने कार्यालय में बयान दर्ज कराने आए आयकर अधिकारियों के साथ सहयोग किया।
इधर, शनिवार को सीजे रॉय की पत्नी लीना रॉय और बेटे रोहित रॉय बंगलूरू के बोरिंग अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचे। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि क्राइम सीन ऑफिसर (एसओसीओ) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) सहित फॉरेंसिक टीमें मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिनों से रॉय के परिसर में आयकर विभाग के छापे मारे जा रहे थे।

