नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में लगातार तीसरे दिन भी सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालय परिसरों में भटकते कुत्तों की समस्या पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया शामिल हैं, मामले की सुनवाई कर रही है।
बुधवार को सुनवाई में क्या-क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील देते हुए कहा था कि सभी कुत्तों को पकड़ना समाधान नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘यही बात गेटेड कम्युनिटी पर भी लागू होती है। गेटेड कम्युनिटी में कुत्ते को घूमने देना चाहिए या नहीं, यह समुदाय को तय करना होगा। मान लीजिए, 90 प्रतिशत निवासियों को लगता है कि यह बच्चों के लिए खतरनाक होगा, लेकिन 10 फीसदी कुत्ते रखने पर जोर देते हैं। कोई कल भैंस ला सकता है। वे कह सकते हैं कि मुझे भैंस का दूध चाहिए।’

