कोलकाता। कोलकाता प्रेस क्लब की ओर से आयोजित ‘द डिबेट 2026’ में रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर और भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने हिंदुत्व और हिंदू धर्म पर अपने विचार रखे। इस दौरान मोइत्रा ने कहा, हिंदुत्व एक राजनीतिक मंच है और उसका नजरिया यही है कि मेरा ही रास्ता सही है, जबकि हिंदू धर्म एक धार्मिक और आध्यात्मिक मंच है, जो मानता है कि रास्ते में दूसरों के लिए भी बहुत जगह है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में एक हिंदू मुसलमानों के साथ प्रेम की कल्पना कर सकता है। लेकिन हिंदुत्व इसे ‘लव जिहाद’ कह देगा।
वहीं, कांग्रेस नेता अय्यर ने कहा, हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है। हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है। हिंदुत्व तो 1023 में अस्तित्व में आया। जबकि हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने तमान संघर्षों और कठिनाइयों का सामना किया। फिर भी यह फलता-फूलता रहा। उसे हिंदुत्व के संरक्षण की आवश्यकता नहीं थी।
उन्होंने कहा, गांधी और स्वामी विवेकानंद के हिंदू धर्म को सावरकर के हिंदुत्व से न तो संरक्षित किया जा सकता है और न ही उसे बढ़ावा दिया जा सकता है। सावरकर ने लिखा है कि हिंदू हिंसा के कृत्यों के जरिये खुद को हिंदू मानते हैं। महात्मा गांधी ने लिखा है कि हिंदू प्राचीन सभ्यता है। वह मूल रूस से अहिंसक है। आपने देखा होगा कि हिंदुत्ववादी गुंडे गोमांस रखने, खाने या ले जाने के संदेह में किसी को भी पीटते हं और यहां तक कि मार भी डालते हैं। गांधी जी ने लिखा है कि गाय की रक्षा के लिए इंसान की हत्या करना हिंदू धर्म और अहिंसा का अपमान है।बहस में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, कौन सी संस्कृति आपको धार्मिक ग्रंथों पर भी बहस करने की अनुमति देती है? केवल हिंदू धर्म ही ऐसा करता है। मैं पूछना चाहता हूं कि हिंदू धर्म शब्द का प्रयोग क्यों? भारत में पैदा हुए सभी धर्मों के साथ ‘वाद’ (इज्म) शब्द क्यों जोड़ा जाता है? हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, सिख धर्म और जैन धर्म। आपने इस्लाम धर्म और ईसाई धर्म के बारे में कभी नहीं सुना होगा। वाद शब्द का इस्तेमाल केवल अपमान करने के लिए किया जा जा रहा है, जबकि हिंदुत्व तो हिंदू तत्व है। हिंदू धर्म की मूल ताकत हिंदू तत्व है। एक और बात मैं कहना चाहूंगा..जब आप हिंदू धर्म का सम्मान करते हैं, तो उसे हिंदुत्व कहते हैं।

