नई दिल्ली : एआई इम्पैक्ट समिट के एक सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, यह नैतिकता (एथिक्स) पर निर्भर करेगा।
इस सत्र के दौरान मंत्री ने सरकार के अपने एआई इंजन भारतजेन का के बार में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार नई तकनीकों के शुरुआती दौर में ही नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि भारतजेन एक सरकारी मॉडल है, लेकिन निजी क्षेत्र की कंपनियां भी डिजिटल हेल्थ और डिजिटल केस हिस्ट्री जैसे मॉडल्स पर काम कर रही हैं। आने वाले समय में सरकारी और निजी क्षेत्रों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा न तो वे अकेले काम कर सकते हैं, न ही हम। इसलिए, हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।
अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ ‘भारतजेन’ एक सरकारी प्रोजेक्ट है। इसका मकसद एक ऐसा भारतीय एआई मॉडल बनाना है जो भारतीय भाषाओं के लिए ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन (एएसआर) मॉडल और टेक्स्ट-टू-स्पीच (टीटीएस) मॉडल जैसी सर्विस देगा। इस कार्यक्रम में भारतजेन ने अपना नया ’17बी (बिलियन) पैरामीटर लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ पेश किया।
अभी, भारतजेन के AI मॉडल कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं, जिनमें हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मैथिली, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं। इसके साथ ही भारतजेन ने कुछ खास क्षेत्रों के लिए अलग मॉडल भी जारी किए हैं।भारतजेन ने आयुर्वेद (आयुर परम), भारतीय कृषि (एग्री परम) और भारतीय कानूनी डोमेन (लीगल परम) के लिए डोमेन-स्पेसिफिक फाइन-ट्यून्ड मॉडल जारी किए हैं। इसके अलावा, सभी भारतजेन मॉडल (टेक्स्ट, स्पीच और विज़न) हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और गवर्नेंस में एप्लीकेशन के लिए उपयोगी हैं।
नया 17-बिलियन-पैरामीटर वाला मॉडल ‘Param2’ के नाम से जाना जाएगा। यह कुल 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा। इसे आईआईटी बॉम्बे के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से तैयार किया है। भारतजेन के सीईओ ऋषि बल ने बताया कि Param2 एक ‘एक्सपर्ट्स का मिक्सचर’ मॉडल है, जिसे भारतीय भाषाओं की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है।

