इंफाल : मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां कुछ संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर को निशाना बनाकर बम से हमला किया। इस हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया है।
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे एक बर्बर कृत्य और मानवता पर सीधा हमला करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मणिपुर में बड़ी मुश्किल से कायम हुई शांति को बिगाड़ने की एक कोशिश है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि इस अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंक के ऐसे कृत्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और शांति भंग करने वालों के खिलाफ खड़े होने की अपील की।
एनपीपी ने ने की हमले की निंदा
मामले पर स्थानीय एनपीपी विधायक थ शांति सिंह ने त्रोंगलाओबी में हुए क्रूर हमले की निंदा की, जिसे कथित तौर पर कुकी नार्को-आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। उन्होंने कहा, यह जघन्य कृत्य आतंकवाद के कृत्य से कम नहीं है। समाज में ऐसे अमानवीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
बता दें कि मोइरांग ट्रोंगलाओबी का यह इलाका चूराचांदपुर की पहाड़ियों के करीब स्थित है। साल 2023 और 2024 के दौरान मैतेई और कुकी-जो समूहों के बीच हुए जातीय संघर्ष में यहां लगातार गोलीबारी देखी गई थी। मई 2023 से शुरू हुई इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।

