केरल : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उन्हें केरल के वायनाड में आयोजित दो दिवसीय ‘लक्ष्य’ लीडरशिप समिट में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ बातचीत का अनुभव बहुत अच्छा लगा। थरूर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया कि इस समिट में उन्होंने कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, केरल विधानसभा नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन और अन्य वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। उन्होंने कहा समिट में औपचारिक बैठकों के बाहर अनौपचारिक बातचीत करना बहुत अच्छा अनुभव रहा। पूरे राज्य के सहकर्मियों से मिलने का अवसर भी मिला।
थरूर ने बताया कि समिट केरल विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की ताकत और एकजुटता दिखाने के लिए आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों से नया उत्साह और आत्मविश्वास महसूस कर रही है, लेकिन संतोष का समय नहीं है, और अब कड़ी मेहनत की जरूरत है। थरूर ने आगामी 100 दिनों को निर्णायक बताया और कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ को न केवल सरकार पर सवाल उठाने बल्कि सकारात्मक एजेंडा और संदेश बनाने पर भी ध्यान देना होगा।
थरूर ने भरोसा जताया कि कांग्रेस के पास सभी आवश्यक प्रतिभा, संसाधन और मानव शक्ति मौजूद है। उन्होंने कहा अगर हम सब सही दिशा में काम करते हैं, तो यह जीत हमारी होगी। उन्होंने समिट को उत्साहजनक और एकजुटता भरा बताया और कहा कि यह बैठक कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के लिए सकारात्मक और प्रेरक रही।
हालिया बयानों पर बोले थरूर
इससे पहले सोमवार को उन्होंने कहा कि, मेरा सवाल है कि किसने कहा कि मैंने पार्टी लाइन छोड़ी। जब मैंने विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए, तब भी ज्यादातर मामलों में पार्टी और मैं एक ही लाइन पर थे। थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों से जो सवाल पूछे, उसका स्पष्ट उद्देश्य था और पार्टी को इससे परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद अक्सर तब पैदा होते हैं, जब मीडिया केवल शीर्षक देखकर रिपोर्टिंग करता है और पूरे लेख को नहीं पढ़ता।
थरूर ने कहा, जब मैं पूछता हूं कि क्या लोगों ने वास्तव में पढ़ा कि मैंने क्या लिखा, तो अधिकांश ने नहीं पढ़ा। पूरा लेख पढ़ने के बाद ही असली मुद्दा समझ में आता है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में 17 वर्षों से हैं और सहयोगियों के साथ अच्छे संबंध रखते हैं।

