Karnataka : कर्नाटक के हुबली शहर में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया जब भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता के साथ पुलिस हिरासत के दौरान कथित बदसलूकी का मामला सामने आया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के समय महिला के साथ हाथापाई हुई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए। वहीं, पुलिस ने इस आरोप को संपूर्ण रूप से असत्य बताया है।
पुलिस ने कहा कि महिला ने स्वयं अपने कपड़े उतारे और पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिससे चार पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। हुब्बल्ली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार ने बताया कि घटना के दौरान महिला ने दो उप निरीक्षकों सहित चार पुलिसकर्मियों को काटा, जिससे उन्हें पेट में गंभीर चोटें आईं। उन्होंने बताया कि मामला सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा था। जब राजस्व अधिकारी वहां जमीन की नाप-तौल के लिए गए, तो कथित कब्जाधारकों ने उन पर हमला कर दिया। इस मामले में महिला आरोपी बनी और उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, महिला ने गिरफ्तारी का विरोध किया और पुलिस वाहन में जाने के बाद खुद अपने कपड़े उतार लिए। उस समय मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने उसे नया कपड़ा पहनाने में मदद की। शशिकुमार ने कहा पुलिस ने पूरी सावधानी बरती थी, लेकिन महिला ने स्वयं अपने कपड़े उतारे। इसलिए पुलिस पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और दुर्भावनापूर्ण हैं। घटना की पूरी जांच की जा रही है। महिला के खिलाफ पहले से ही नौ मामले लंबित हैं और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने घटना की पूरी विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस झड़प में चार महिला पुलिसकर्मी और तीन-चार पुरुष कर्मचारी घायल हुए। शशिकुमार ने कहा पुरुष अधिकारियों ने शिकायत नहीं दी, लेकिन महिला अधिकारियों ने गंभीर चोटें आने पर शिकायत दर्ज कराई है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कर्नाटक में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला की मर्यादा भंग की जाए, उसके कपड़े फाड़े जाएं और पुलिस द्वारा इस तरह से मारपीट की जाए, तो यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस शासन में महिलाओं की सुरक्षा की क्या हालत है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या यही है ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’?” क्या यही राजनीतिक असहमति का अधिकार है कि एक भाजपा की महिला कार्यकर्ता के साथ ऐसा व्यवहार किया जाए? शहजाद पूनावाला ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के शासन में महिलाएं अब सुरक्षित नहीं हैं और इस तरह की घटनाएं बेहद निंदनीय हैं।
कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं में टकराव
बताया जा रहा है कि महिला पहले कांग्रेस से जुड़ी हुई थीं और हाल ही में भाजपा में शामिल हुई थीं। इसी को लेकर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पहले भी विवाद हुआ था, जो मंगलवार को खुले टकराव में बदल गया। अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, हिरासत में महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

