वॉशिंगटन : वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक साहसिक अमेरिकी सैन्य अभियान में गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क की जेल भेजे जाने के कुछ ही दिन बीते हैं। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उनके समर्थक इस कार्रवाई से बेहद खुश हैं। लेकिन अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में एमएजीए ( मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) ) वोटरों से बात करने पर तस्वीर इतनी सीधी नहीं दिखती।
पेंसिल्वेनिया के बेंसलेम में ट्रंप मर्चेंडाइज स्टोर के बाहर मिले 67 वर्षीय पॉल बॉनर कहते हैं अभी तक मैं उनके साथ हूं। जब तक वह कोई बड़ी गलती नहीं करते। यह बयान बताता है कि समर्थन फिलहाल सशर्त है। ट्रंप के कुछ कट्टर समर्थक भी आशंकित हैं कि कहीं यह कदम अमेरिका को एक लंबे संघर्ष में न झोंक दे। खासकर तब, जब ट्रंप खुद नए युद्ध शुरू न करने का वादा कर चुके थे।
मिसिसिपी के चेस लुईस मानते हैं कि मादुरो की तानाशाही से वेनेजुएला को राहत मिली है, लेकिन वह पूछते हैं इसकी कीमत हमें क्या चुकानी पड़ेगी? उन्हें डर है कि कहीं अमेरिकी सैनिकों को युद्ध में न झोंक दिया जाए। वहीं, कोलोराडो के ट्रैविस गार्सिया इस कार्रवाई को सही ठहराते हैं। उनका कहना है कि अगर अमेरिका ऐसे तानाशाहों पर कार्रवाई नहीं करेगा तो फिर कौन करेगा। उनके अनुसार, इससे ट्रंप की छवि एक सख्त और फैसले लेने वाले नेता की बनती है। हालांकि, इसी राज्य में कुछ समर्थक यह भी मानते हैं कि अगर अमेरिका लंबे समय तक वेनेजुएला में उलझा रहा, तो समर्थन कमजोर पड़ सकता है।
पेंसिल्वेनिया और मिडवेस्ट से भरोसा
पेंसिल्वेनिया के रॉन सोटो को भरोसा है कि ट्रंप आगे की स्थिति संभाल लेंगे। उनका मानना है कि मादुरो एक बुरा शासक था और ट्रंप ने बाकी देशों में डर पैदा कर दिया है। इंडियाना के मार्क एडवर्ड मिलर कहते हैं कि उन्हें इस ऑपरेशन से हैरानी नहीं हुई। उनके मुताबिक, अमेरिका को अपने क्षेत्र में मित्र देशों का समर्थन करना चाहिए और शत्रुतापूर्ण सरकारों को चुनौती देनी चाहिए।

