लंदन : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है। समुद्री सुरक्षा अधिकारियों के आकलन के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से यातायात 90 फीसदी से अधिक घट गया है। यह गिरावट अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों तथा तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद हुई है।
1 मार्च से 27 अप्रैल के बीच 40 से अधिक घटनाएं
ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन (यूकेएमटीओ) ने 1 मार्च से 27 अप्रैल के बीच 40 से अधिक घटनाओं की सूचना दी है। इनमें व्यापारिक जहाजों पर हमले, क्षति, उत्पीड़न और बाल-बाल बचने की घटनाएं शामिल हैं। निगरानी टीम ने बताया कि कम से कम 26 घटनाओं में व्यापारिक जहाजों पर सीधे हमले हुए। तनाव बढ़ने से पहले, 28 फरवरी को, प्रतिदिन करीब 130 जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरते थे। अब यह संख्या प्रतिदिन 10 से भी कम जहाजों पर आ गई है। इससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में से एक लगभग ठप हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा शिपिंग का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष के कारण इसमें बड़ी बाधाएं आई हैं।
फंसे हुए जहाज और नाविकों की चिंता
यूकेएमटीओ के अधिकारियों ने बताया कि इस स्थिति के कारण खाड़ी के अंदर 850 से 870 बड़े व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं। सुरक्षा जोखिमों के कारण वे सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यूकेएमटीओ के संचालन प्रमुख कमांडर जो ब्लैक ने कहा कि उनकी पहली चिंता नाविकों की सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि करीब 20,000 नाविक ऐसे जहाजों पर हैं जो कहीं नहीं जा रहे हैं। चालक दल में बदलाव नहीं हो रहा है और आपूर्ति भी बाधित हो रही है।
कमांडर जो ब्लैक ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर चिंताएं बढ़ेंगी। यूकेएमटीओ लाल सागर, खाड़ी क्षेत्र और उत्तरी हिंद महासागर में जहाजों के लिए एक प्रमुख समुद्री सुरक्षा सूचना केंद्र के रूप में कार्य करता है। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि क्षेत्र में लंबे समय तक व्यवधान वैश्विक व्यापार मार्गों को प्रभावित कर सकता है।