बंगलूरू। कर्नाटक में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर कराए गए सर्वे पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि यह सर्वे सरकार से जुड़ी एजेंसी के जरिये कराया गया है, न कि किसी स्वतंत्र सांविधानिक या न्यायिक संस्था द्वारा। हरिप्रसाद ने दावा किया कि सर्वे कराने वाले सुब्रमण्य प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जुड़े हुए हैं और वह एक एनजीओ चलानेका दावा करते हैं, जिसकी विश्वसनीयता की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा इस समय सबसे निचले स्तर पर है और अब वह अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर चुनाव आयोग को अपनी छवि सुधारनी है तो उसे पारदर्शिता अपनानी होगी, निष्पक्ष रहना होगा और राजनीतिक दलों व जनप्रतिनिधियों की बात सुननी होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि 14 दिसंबर को (सांसद) राहुल गांधी की ओर से रामलीला मैदान में किए गए बड़े प्रदर्शन से चुनाव आयोग घबरा गया था, जिसमें एक लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। हरिप्रसाद ने कहा कि जनता की प्रतिक्रिया देखकर आयोग को अपनी खराब छवि का एहसास हुआ और इसी वजह से अब वह अपनी साख सुधारने की कोशिश कर रहा है।

