नई दिल्ली : भारत के खिलाड़ियों के लिए अहम और व्यस्त रहने वाले साल 2026 को देखते हुए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे “डिलीवरी टारगेट” तय करें, देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए नए विचार लाएं और डोपिंग की समस्या से युद्धस्तर पर निपटें।
2026 में कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के साथ-साथ कई विश्व और महाद्वीपीय चैंपियनशिप भी होंगी। इसके अलावा, इसी साल से शूटिंग और हॉकी में ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया भी शुरू होगी। ऐसे में यह वर्ष भारत के खेल भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। मांडविया ने गुरुवार को SAI और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सालाना कार्ययोजना पर चर्चा की। बैठक में उनका जोर हर खेल के लिए समर्पित ओलंपिक सेंटर स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू करने और कम से कम पांच नए खेलों में राष्ट्रीय लीग शुरू करने पर रहा।
मंत्रालय के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘मंत्री ने साल की प्राथमिकताएं तय करने और अधिकारियों से स्पष्ट डिलीवरी टारगेट रखने को कहा है। वे हर 15 दिन में डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने के लिए सुझाव लेना चाहते हैं।’ सूत्र के मुताबिक, ‘इस साल पांच नए खेलों में राष्ट्रीय लीग शुरू करना भी एक बड़ा लक्ष्य है। खेल महासंघों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और मंत्रालय वित्तीय सहायता देगा।’
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद में करेगा और 2036 ओलंपिक को भी उसी शहर में लाने की बोली लगा रहा है, डोपिंग के मामले में खराब रिकॉर्ड रखता है। विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) के आंकड़ों के अनुसार, भारत लगातार तीन वर्षों से डोपिंग उल्लंघन करने वाले देशों की सूची में शीर्ष पर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मांडविया ने डोपिंग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने पर जोर दिया। सूत्र ने कहा, ‘SAI और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) को आक्रामक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद अगर कोई खिलाड़ी नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’